◆बरहरवा आरपीएफ़ की कार्यवाही से अवैध शराब तस्करों में हड़कंप।
ब्यूरो रिपोर्ट:-
बरहरवा:-आरपीएफ़ को प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर, आरपीएफ/सीआईबी मालदा एवं ट्रेन एस्कॉर्ट पार्टी द्वारा ट्रेन संख्या 15743 BLGT–BTI फरक्का एक्सप्रेस में, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र लागू आचार संहिता (MCC) के अनुपालन में विशेष चेकिंग अभियान संचालित की गई।जाँच अभियान के दौरान, जब ट्रेन तिलडांगा रेलवे स्टेशन के निकट थी, तब कोच B-6 (कोच संख्या 231137/C) के दिल्ली छोर के लॉकर की तलाशी कोच अटेंडेंट ऋषि कुमार पांडेय (उम्र 35 वर्ष), साहिबगंज निवासी की उपस्थिति में ली गई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से दो बैग में विदेशी शराब बरामद हुई।
पूछताछ में उक्त कोच अटेंडेंट कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका तथा उसने स्वीकार किया कि वह उक्त शराब को एकलखी से जमालपुर अवैध रूप से बिक्री हेतु ले जा रहा था।ट्रेन के बरहरवा रेलवे स्टेशन पहुँचने पर, अभियुक्त एवं बरामद सामग्री को आरपीएफ/सीआईबी मालदा एवं आरपीएफ पोस्ट बरहरवा के सहयोग से उतारा गया,जिसमें बरामद
1)19 बोतल Officer’s Choice Whisky (375 ml) – ₹5,130/-
2)24 कैन HAWARD 5000 Beer (500 ml) – ₹2,640/-
100 टेट्रा पैक Officer’s Choice (180 ml) – ₹14,000/-
कुल मात्रा: 37.125 लीटर
कुल मूल्य: ₹21,770/-
उक्त शराब को विधिवत जब्त किया गया। प्रयास के बावजूद कोई स्वतंत्र गवाह उपलब्ध नहीं हो सका और विधि अनुसार गिरफ्तार किया गया। जब्ती की वीडियोग्राफी की गई तथा अभियुक्त को उसके अधिकारों की जानकारी दी गई। उसके परिजनों को भी सूचित किया गया।अभियुक्त एवं जब्त सामग्री को आगे की वैधानिक कार्रवाई हेतु एक्साइज डिपार्टमेंट साहेबगंज को अग्रिम कार्यवाही हेतु सुपुर्द किया गया। और आरपीएफ की लिखित शिकायत पर एक्साइज डिपार्टमेंट साहेबगंज द्वारा उत्पाद अधिनियम की धारा ,केस नंबर 50/26,धारा-47(a),दिनांक–16.04.2026 रजिस्टर किया गया है।
बिहार में शराबबंदी के बाद अवैध शराब की तस्करी में बढ़ोतरी
ज्ञात होगी बिहार राज्य में सरकार द्वारा पूर्ण रूप से शराब पर प्रतिबंध लागू है जिसके कारण बिहार में शराब चोरी छुपे अवैध रूप से शराब की बिक्री की कीमत आसमान छूती है,200 रुपये के शराब की बोतल लगभग 600 से 1000 रुपये तक गुप्त रूप से बेची जाती है ,ज्यादा मुनाफा के चक्कर में अन्य राज्यो से शराब की तस्करी कर तस्करों द्वारा ले जाया जाता है,शराबबंदी के वाद तस्करी का शिलशिला बढ़ गया है।और लालच के कारण ये शिलशिला लगातार जारी है।तस्करों के मनोबल को तोड़ने के लिए आरपीएफ़ लगातार कार्यवाही और जाँच अभियान चला रही है।जिससे तस्करों में हड़कंप का माहौल है।

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