संवादाता
साहिबगज: जिला का एक गरीब परिवार से आने वाले युवा युवक ने बड़ी सफलता प्राप्त की है। मन में अटूट जिद, लक्ष्य को लेकर अडिग लगन और सपनों में ऊँची उड़ान हो, तो आर्थिक अभाव कभी भी सफलता की राह नहीं रोक सकता, इस कथन को साहिबगंज के सौरभ कुमार अकेला ने साकार कर दिखाया है। कठिन परिस्थितियों में पले-बढ़े सौरभ कुमार अकेला ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में सफलता हासिल कर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) जैसे प्रतिष्ठित पद तक पहुँचने का गौरव प्राप्त किया है। सौरभ के माता-पिता श्रीकांत मिश्रा और पूनम मिश्रा, जो मूल रूप से कटिहार जिले के मोहनाचांदपुर के निवासी हैं, आज साहिबगंज जिला मुख्यालय के पास उद्योग भवन के सामने एक छोटी-सी चाय की गुमटी चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित साधनों और रोज़मर्रा की कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने कभी अपने बेटे की पढ़ाई और सपनों से समझौता नहीं किया।
असंख्य संघर्षों, त्याग और माता-पिता की अथक मेहनत का ही परिणाम है कि आज सौरभ कुमार अकेला लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन चुके हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि हालात चाहे जैसे भी हों, मेहनत, विश्वास और हौसले के आगे हर बाधा झुक जाती है। यह कहानी सिर्फ एक सफलता की नहीं, बल्कि संघर्ष से सम्मान तक की यात्रा की जीवंत मिसाल है।

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