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बरहरवा आरपीएफ़ ने चार नाबालिग बच्चों को मानव तस्करों के चंगुल से कराया मुक्त,दो तस्कर गिरफ्तार!

 दूसरे राज्यो में तस्करी कर ले जाने के फिराक में थे तस्कर,चढ़ा आरपीएफ़ के हत्थे



सन्नी कु.भगत,ब्यूरो रिपोर्ट

बरहरवा:-रविवार को  बरहरवा आरपीएफ़ इंस्पेक्टर संजीव कुमार के नेतृत्व में एएसआई बिस्वनाथ टुडू , एएसआई सुरेश पासवान,कांस्टेबल अमरेश कुमार, एलसीटी अर्पण कुमारी, एलसीटी काजल कुमारी एवं बाल संरक्षण संस्था (बाल मंथन) की प्रतिनिधि आराधना मंडल के साथ बरहरवा रेलवे स्टेशन पर रात्रि 9.30 बजे से असामाजिक तत्वों, मानव तस्करी,यात्री संबंधी अपराधों एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम हेतु सघन जाँच अभियान चलाया गया।जाँच के दौरान गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि दो व्यक्ति चार नाबालिग लड़कों को मजदूरी के लिए अन्य राज्यों (अंबाला कैंट, हरियाणा एवं सहारनपुर, उत्तर प्रदेश) ले जाने हेतु ट्रेन संख्या 15743 अप (फरक्का एक्सप्रेस) से प्लेटफार्म संख्या 01 पर फुट ओवर ब्रिज के पास यात्री शेड में बैठे हैं।

प्राप्त सूचना के सत्यापन हेतु टीम तत्काल मौके पर पहुंची, जहां दो वयस्क व्यक्तियों के साथ चार नाबालिग लड़के संदिग्ध अवस्था यात्री शेड में बैठे पाए गए। पूछताछ करने पर नाबालिगों ने अपना उम्र क्रमशः–15,14,15 व 14 साल और थाना बरहेट जिला साहेबगंज, झारखंड का रहने वाला बताया।आगे पूछताछ करने पर पहले तीन नाबालिक बच्चों ने बताया कि

 मनोज साह (उम्र लगभग 40 वर्ष), पिता- चामू साह, निवासी- बारोबांध, थाना- बरहेट, जिला- साहिबगंज ने लगभग एक सप्ताह पूर्व उनके घर जाकर उन्हें अंबाला कैंट स्थित मेडिकल दुकान में मजदूरी के लिए 11,000–12,000 रुपये प्रति माह का प्रलोभन दिया तथा उनके यात्रा टिकट भी बनवाए। गरीबी के कारण वे उसके साथ जाने को तैयार हो गए।

इसी प्रकार चौथे नाबालिग ने बताया कि मोहम्मद अताउल अंसारी (उम्र लगभग 51 वर्ष), पिता- हसन अंसारी, निवासी- सनमनी, मोमिनटोला, थाना- बरहेट, जिला- साहिबगंज ने उसे सहारनपुर (उ.प्र.) में होटल में कार्य दिलाने के नाम पर 9,000 रुपये प्रति माह का प्रलोभन दिया एवं यात्रा की व्यवस्था की।पूछताछ के दौरान दोनों व्यक्तियों— मनोज साह एवं मोहम्मद अताउल अंसारी ने स्वीकार किया कि वे इन नाबालिग बच्चों को मजदूरी के लिए अन्य राज्यों में ले जा रहे थे तथा इसके बदले उन्हें प्रत्येक बच्चे पर लगभग 8% कमीशन प्राप्त होता। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बच्चों को राज्य के बाहर ले जाने हेतु पंचायत अथवा श्रम विभाग से कोई वैधानिक पंजीकरण अनुमति नहीं ली गई है।तथा अपनी गलती को स्वीकार किया।आरपीएफ़ ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों की कृत्य प्रथम दृष्टया मानव तस्करी, बाल श्रम एवं अन्य संबंधित विधिक प्रावधानों के उल्लंघन की श्रेणी में आता है।अतः इस संबंध में आरपीएफ पोस्ट बड़हरवा द्वारा जीआरपी बरहरवा के थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दी गई है,मामले को लेकर बरहरवा जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है,अभियुक्तों को अग्रेषित कानूनी कार्यवाही हेतु न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाएगा।

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