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आरपीएफ़ ने दो नाबालिक बच्चों का किया रेस्क्यू,बाल संरक्षण को किया सुपुर्द।

 ◆ परिवार से बिछड़ने वाले थे बच्चे, ससमय बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर आरपीएफ़ की टीम बनी मसीहा।



रिपोर्ट:-सन्नी कु.भगत

बरहरवा:-गुरूवार को आरपीएफ इंस्पेक्टर बरहरवा संजीव कुमार द्वारा एएसआई बी.एन. टुडू, कांस्टेबल राकेश कुमार,कांस्टेबल अमरेश कुमार एवं कांस्टेबल जय कुमार सिंह के साथ बरहरवा रेलवे स्टेशन पर और ऑन ड्यूटी तीनपहाड़ कैंपिंग स्टाफ कांस्टेबल बबलू मुर्मू एवं कांस्टेबल सतीश कुमार द्वारा तीनपहाड़ रेलवे स्टेशन पर असामाजिक गतिविधियों, यात्री संबंधी अपराधों तथा अन्य आपराधिक कृत्यों की रोकथाम हेतु छापेमारी एवं तलाशी अभियान के दौरान जब ट्रेन संख्या 53030 (भागलपुर–अजीमगंज पैसेंजर) बरहरवा स्टेशन पहुंची तो उससे से एक  अकेला नाबालिग लड़का उतरता हुआ दिखे जिसके पास जाकर पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह भागलपुर के एक मदरसा में पढ़ता है और वह अपने पिता के साथ घर लौटने हेतु भागलपुर रेलवे स्टेशन आया था, लेकिन अत्यधिक भीड़ के कारण उसके पिता ट्रेन में सवार नहीं हो सके और वह अनजाने में अकेले ही ट्रेन में चढ़ गया तथा बरहरवा रेलवे स्टेशन पहुँच गया। साथ ही आरपीएफ कैंपिंग स्टाफ तीनपहाड़ के द्वारा एक नाबालिक लड़की को तीनपहाड़ रेलवे स्टेशन पर प्लेटफ़ॉर्म नंबर 01 पर इधर उधर अकेले घूमते दिखाई दी ।अकेला दिखाने पर जब कैंपिंग स्टाफ द्वारा  पूछने पर उसने बताया कि मां और अब्बू के द्वारा डांटने पर वह घर से भाग कर स्टेशन आ गई थी,जब इनके घर संपर्क किया गया तो इनके भाई ने बताया कि उसका दिमागी रूप से थोड़ा दिक्कत होने के कारण रात से ही घर से निकली हुई है ।

 दोनों की उम्र क्रमशः 09 और 13 साल की है और आगे पूछने पर नाबालिक लड़के ने अपना घर मिर्जाचौकी थाना और लड़की ने अपना राजमहल थाना जिला साहेबगंज का रहने वाला बताया।

दोनों नाबालिग बच्चों को आरपीएफ पोस्ट बरहरवा लाया गया तथा चाइल्ड हेल्पलाइन साहिबगंज को सूचित किया गया। सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूर्ण करने के पश्चात चाइल्ड हेल्पलाइन मंथन के प्रतिनिधि पोस्ट पर पहुँचे एवं बच्चे की काउंसलिंग की।

इसके उपरांत सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए दोनों नाबालिग बच्चों को सुरक्षित आगे की आवश्यक कार्रवाई हेतु चाइल्ड हेल्पलाइन बाल संरक्षण के सुपुर्द कर दिया गया।सोचने वाली बात यह है कि अगर इन दोनों बच्चों को आरपीएफ़ की टीम अगर सही समय पर रेस्क्यू नहीं करती तो दोनों बच्चे अपने परिवार से बिछड़ जाते या खो जाते।लेकिन आरपीएफ़ टीम की सूझबूझ से ये मुसीबत टल गई।





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